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Tuesday, February 7, 2017

अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में जमकर ठुमके लगती दिखीं युवतियां

अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में जमकर ठुमके लगती दिखीं युवतियां

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सूरजकुंड,( फरीदाबाद), ७ फरवरी- स्वर्ण जयंती ३१वें सूरजकुंड क्रा3ट मेले में बड़ी चौपाल पर मंगलवार को भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। बड़ी चौपाल पर पूरा दिन देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक लोक नृत्यों की धूम रही। कलाकारों ने यहां बेहतरीन प्रस्तुती ही और दर्शकों ने भी उनका तालियां बजाकर स्वागत किया। मेले में पहुँचने वाली युवतियां मेले के कलाकारों के साथ जमकर ठुमके लगाती दिखीं ।


बड़ी चौपाल पर झारखंड, उड़ी और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में ढोल और नगाड़े की धुन पर गाए जाने वाले पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किए। इन लोक नृत्यों में वहां के आदिवासी क्षेत्रों के जीवन को भी दर्शाने की कौशिश की गई। इसके बाद की प्रस्तुतियों में उत्ताराखंड के कलाकारों ने वहां के छवेली नृत्य प्रस्तुत किया। इसके साथ ही पंजाबी गिद्धा की प्रस्तुती के  साथ भी दिन के समय कलाकारों ने जमकर समां बांधा।
इसके साथ ही पाटर्नर कंट्री इजिप्ट के कलाकारों ने मंगलवार को भी अपनी प्रस्तुती जारी रखी। भारत-मिश्र दोस्ती के संदेश के सात उन्होंने दर्शकों की जमकर वाहवाही लूटी। इसके बाद तजाकिस्तान के कलाकारों ने अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुती दी। 

Sunday, February 5, 2017

दर्शकों ने खचाखच भर गया  सूरजकुंड मेला

दर्शकों ने खचाखच भर गया सूरजकुंड मेला

Faridabad 5 Feb: सूरजकुंड मेला पहले रविवार को दर्शकों की भीड़ से गुलजार हुआ । पांचवे दिन मेले में वीकेंड का असर साफ देखने को मिला। एक तरफ जहां खचाखच भरी चौपाल में दर्शकों ने रंगारंग सांस्कृतिक  कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया। वहीं दूसरी ओर देश के विभिन्न राज्यों और विदेशी स्टालों पर खरीदारों की खासी संख्या देखने को मिली। मेले में अन्य दिनों के मुकाबले दोगुना लोग पहुंचे। सुबह से ही दर्शकों का मेले में पहुंचना शुरू हो गया था।

 चौपाल के मंच पर  कलाकारों की परफॉर्मेंस से कई कलाओं के रंग चौपाल पर तंज़ानिया के कलाकारों ने परंपरागत नृत्य पेश कर मेला दर्शको का दिल जीत लिया वहीँ मेले में मौजूद विदेशी दर्शक भी चौपाल की स्टेज पर आकर तंज़ानिया के कलाकारों के साथ नाचने लगे |

 जहाँ देखो वहां सर ही सर दिखाई दे रहे है रविवार की सुबह से ही मेले में दर्शको की भीड़ में उमड़ने लगी और लोगो ने जमकर शॉपिंग की वहीँ बच्चो ने राइड्स लेकर मेले का लुत्फ़ उठाया। हर वर्ग के मेला दर्शको ने मेले को खूब सराहा और मेले की भूरी भूरी तारीफी की.


Thursday, February 2, 2017

सूरजकुंड मेले का आज दूसरा दिन, कल CM खट्टर ने लिया दादी जी का आशीर्वाद

सूरजकुंड मेले का आज दूसरा दिन, कल CM खट्टर ने लिया दादी जी का आशीर्वाद

Haryana CM At Surajkund Mela 2017
फरीदाबाद 2 फरवरी: फरीदाबाद के सूरजकुंड में कल से शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले का आज दूसरा दिन है । कल मेले का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था । हरियाणा के मुख्यमंत्री में एक अजीब कला देखने को मिल जाती है जहां जाते हैं उसी रंग में रंग जाते हैं । कल उन्होंने ढोल बजाया तो ढोलकियों के रंग में रंग गए जिसके बाद उन्होंने मेले का भ्रमण किया ।

मेले में कलाकारों द्वारा कुछ मूर्तियां हर साल बनाईं जाती हैं ये मूर्तियां दूर से देखने पर बिलकुल जीवांत दिखती हैं । मुख्यमंत्री कल  एक ऐसी ही मूर्ति के पास पहुंचे ।  तस्वीर देखकर लग रहा है कि दादी जी से मुख्यमंत्री आशीर्वाद ले रहे हैं । मेले में कल से भीड़ दिखाई दे सकती है जहाँ सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद है । इस बार चप्पे चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं । मुख्यमंत्री आज पंचकूला में एक प्रेस वार्ता करने जा रहें हैं कुछ खास बात जरूर है । दोपहर बाद पता चलेगा ।

Wednesday, February 1, 2017

सूरजकुंड मेला देख खुश हुए  खट्टर, बजाने लगे ढोल

सूरजकुंड मेला देख खुश हुए खट्टर, बजाने लगे ढोल

Surajkund-mela-2017-news
फरीदाबाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल में विदेश गए थे जहाँ उन्होंने ड्रम बजाया था तो हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर आज फरीदाबाद में थे जहाँ वो अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का उद्घाटन करने पहुंचे और मेले में मौजूद सांस्कृतिक कलाकारों के ढोल बजा ख़ुशी का इजहार किया ।

मुुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को बसंत पंचमी और सर छोटूराम जयंती की बधाई देते हुए कहा कि आज अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की पुण्य तिथि भी है और इस अवसर पर हम सब यहां इस मेला में इकटठे हुए हैं और यह मेला आपस की दुरियां कम करने का एक सांझा मंच प्रदान करता हैं। उन्होंने कहा कि देष-विदेष व अन्य प्रदेषों के लोग यहां आते हैं और दुरियांें को कम करने का यह एक अच्छा मंच साबित हो रहा है, जिसके लिए उन्होंने आए सभी लोगों को स्वागत किया।


थीम राज्य झारखण्ड के दस्तकारों, कारीगरों, बुनकरों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड राज्य एक विषेष प्रदेष हैं। उन्होंने कहा कि झारखण्ड प्रदेष को प्रकृति का आषीर्वाद मिला हुआ है और वहां काफी क्षेत्र पहाडी  व खनीज संपदाओं से भरपूर हैं। इस वर्ष वे झारखण्ड का दौरा अवष्य करेंगें।

Tuesday, January 31, 2017

Surajkund Mela 2017 Pictures: कल CM करेंगे उद्घाटन

Surajkund Mela 2017 Pictures: कल CM करेंगे उद्घाटन

Surajkund Mela 2017 Pictures
फरीदाबाद, 31 जनवरी- 31वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय  शिल्प मेला-2017 का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल पहली फरवरी, 2017 को प्रात: 11.30 बजे करेंगे। इस अवसर पर हरियाणा के पर्यटन, सत्कार तथा शिक्षा मंत्री श्री रामबिलास शर्मा, झारखंड के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री अमर कुमार बौरी तथा भारत में मिश्र के राजदूत श्री हातेम तगेल्डिन भी उपस्थिति रहेंगे
हरियाणा में पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री वी एस कुण्डू ने आज सूरजकुंड मेला मैदान, फरीदाबाद स्थित चौपाल में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल, हरियाणा के उद्योग मंत्री श्री विपुल गोयल, पर्यटन एवं सत्कार विभाग की मुख्य संसदीय सचिव श्रीमती सीमा त्रिखा, हरियाणा पर्यटन निगम के अध्यक्ष श्री जगदीश चौपड़ा, बल्लभगढ़ के विधायक श्री मूल चंद शर्मा तथा अनेक अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।
    उन्होंने बताया कि सूरजकुंड शिल्प मेले का आयोजन पहली बार वर्ष 1987 में भारत के हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक विरासत की समृद्घि एवं विविधताओं को प्रदर्शित करने के लिए किया गया था। सूरजकुंड मेला प्राधिकरण एवं हरियाणा पर्यटन द्वारा संयुक्त रूप से केन्द्रीय पर्यटन, कपड़ा, संस्कृति, विदेश मंत्रालयों और हरियाणा सरकार के सहयोग से आयोजित यह उत्सव सौंदर्यबोध की दृष्टिï से सृजित माहौल में भारत के शिल्प, संस्कृति एवं व्यंजनों को प्रदर्शित करने के लिए अंतर्राष्टï्रीय पर्यटन कलैण्डर में एक विशेष महत्व है।

Surajkund Mela 2017 Pictures

श्री कुंडू ने बताया कि हर वर्ष लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने के साथ-साथ इस मेले ने भारत की कला एवं शिल्प परम्पराओं की विरासत को पुनर्जीवित करने में मदद की है। इस वर्ष पर्यटकों एवं प्रतिभागियों की सुविधा के लिए अनेक नई पहल की गई हैं। मेले के लिए ‘बुक माई शो’ के माध्यम से ऑनलाइन टिकट ली जा सकती हैं। दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर भी मेले की टिकटें उपलब्ध करवाई गई हैं। विभिन्न स्थानों से सूरजकुंड के लिए विशेष बसें उपलब्ध हैं। आस-पास के क्षेत्रों से मेला स्थल तक नि:शुल्क फेरी सेवा तथा कई जन सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं। श्री कुंडू ने बताया कि वे प्राचीन स्मारक सूर्यकुंड, जिससे सूरजकुंड की उत्पत्ति हुई है, को सुंदर और स्वच्छ बनाए रखने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के समक्ष इस मुद्दे को तत्परता से उठाएंगे।
सूरजकुंड शिल्प मेले के इतिहास में एक नया कीर्तिमान उस समय स्थापित हुआ जब वर्ष 2013 में इसे अंतर्राष्टï्रीय मेले का दर्जा मिला। इस वर्ष मेले में यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण एशिया से 20 से अधिक देश भाग ले रहे हैं। जिम्बावे, तन्जानिया, ट्यूनीशिया, मंगोलिया और दक्षिण अफ्रीका पहली बार मेले में भाग ले रहे हैं।
हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक तथा सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक श्री समीर पाल सरो ने बताया कि इस वर्ष मेले के प्रति विदेशी भागीदारों में एक नया जोश है, जिनमें भागीदार राष्ट्र मिश्र के प्रतिभागी भी शामिल हैं। मेले में श्रीलंका, नेपाल, अफगानिस्तान, थाईलैंड, किर्गिस्तान, लेबनॉन और ट्यूनीशिया के भागीदारों में भी एक नया उत्साह है।
Surajkund Mela 2017 Pictures


नवगठित राज्य झारखंड इस वर्ष के सूरजकुंड अंतर्राष्टï्रीय शिल्प मेला का ‘थीम राज्य’, है जोकि प्रभावी ढंग से अपनी अनूठी संस्कृति एवं समृद्ध विरासत को प्रदर्शित कर रहा है। झारखंड ने मेले में मुख्य चौपाल के निकट मलूटी मंदिर द्वार का एक स्थाई ढांचा बनाया है। यह मंदिर वहां के सन्थाल परगना क्षेत्र में स्थित है। इसके अलावा, झारखंड के राज्य चिन्हों को प्रदर्शित करने वाले पांच और अस्थाई द्वार बनाए गए हैं। झारखंड से लगभग 300 कलाकार छाऊ, खैरा, करसा, पायका जैसी प्रसिद्ध लोक कलाओं का प्रदर्शन करेंगे।
दर्शकों के मूड को तरो-ताजा करने के लिए मिश्र, तंजानिया, जिम्बावे, सेशल्स, ताजिकिस्तान और  किर्गिस्तान से आए अंतर्राष्ट्रीय लोक कलाकारों द्वारा शानदार प्रदर्शन किया जाएगा। मेला मैदान के ओपन एयर थियेटर चौपाल में उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र तथा अन्य क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के लोक कलाकारों द्वारा दिन के समय विभिन्न नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें हरियाणवी नृत्य, पंजाबी नृत्य शामिल थे ।